NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2 -अम्ल, क्षार एवं लवण

NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2: हम जानते है कि आप सभी अपनी परीक्षा की तैयारी मे लगे हुए है। परीक्षा की तैयारी मे आपकी सहायता करने  के लिए हम हमेशा तैयार है। हम जानते है कि आप Class 10th Science Chapter 2 अम्ल, क्षार एवं लवण का अच्छे ढंग से अध्ययन करना चाहते है। यहाँ इस पाठ को सरल और बिंदुवत् रुप से समझाया गया है, जिसे पढ़कर आप बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकते है।

सामान्यतः जब भोजन खट्टा या कड़वा हो जाता है, तो हम कहते हैं कि उसमें अम्ल या क्षार उपस्थित हैं l इस पाठ में हम इन्हीं अम्ल और क्षार के गुण और उनकी विभिन्न अभिक्रियाओं के बारे में पढ़ेंगे l साथ ही दैनिक जीवन में काम आने वाली विभिन्न रासायनिक पदार्थों का भी उपयोग जानेंगे l

NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2: overview

  • अम्ल एवं क्षार (acids and bases)
  • अम्ल एवं क्षार के रासायनिक गुण (chemical properties of acids and bases)
  • अम्ल एवं क्षार में समानता (similarity between acid and base)
  • pH स्केल (pH scale)
  • दैनिक जीवन में उपयोगी पदार्थ (substances useful in daily life)

NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2: Summary of Lesson

  • अम्ल- इनका स्वाद खट्टा होता है l यह जलीय विलयन में H+ आयन देते हैं l यह नीले लिटमस पत्र को लाल रंग में बदल देता है l
  • अम्ल के प्रकार (type of acid)- 
    • प्रबल अम्ल- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल
    • दुर्बल अम्ल- लैक्टिक अम्ल, ऑक्सैलिक अम्ल
  • क्षार- इनका स्वाद कड़वा होता है l यह जलीय विलयन में OH- आयन देते हैं l यह लाल लिटमस पत्र को नीले रंग में बदल देते हैं l

NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2
  • क्षार के प्रकार-
    • प्रबल क्षार- सोडियम हाइड्रोक्साइड, पोटैशियम हाइड्रोक्साइड
    • दुर्बल क्षार- अमोनियम हाइड्रोक्साइड
  • सूचक- वह पदार्थ जो किसी विलयन में अम्ल या क्षार की उपस्थिति का पता लगाते हैं, उन्हें सूचक कहते हैं l
  • सूचक के प्रकार-
    • प्राकृतिक सूचक- हल्दी, लाल पत्ता गोभी और लिटमस l
    • कृत्रिम सूचक- फीनोल्फथेलिन, मेथिल ऑरेंज ।
    • गंधीय सूचक- प्याज, लौंग का तेल ।
  • अम्ल एवं क्षार के रासायनिक गुण-
    • धातुओं के साथ अभिक्रिया- अम्ल एवं क्षार दोनों ही धातु के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाते है l

उदाहरण: $\mathrm{2HCl}+\mathrm{Zn}\rightarrow\mathrm{ZnCl}_2+\mathrm{H}_2$

  • धातु कार्बोनेट और धातु बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया- अम्ल इन दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण, कार्बन डाइऑक्साइड गैस और जल बनाते हैं l 

क्षार धातु कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करता है l

उदाहरण: $\mathrm{2HCl}+\mathrm{Na}_2{CO}_3\rightarrow\mathrm{2NaCl}+\mathrm{CO}_2+\mathrm{H}_2{O}$

  • उदासीनीकरण अभिक्रिया- वह अभिक्रिया जिसमे अम्ल एवं क्षार दोनों आपस में क्रिया करके लवण एवं जल बनाते हैं, उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते है l

उदाहरण: $\mathrm{NaOH}+\mathrm{HCl}\rightarrow\mathrm{NaCl}+\mathrm{H}_2{O}$

  • अम्ल धात्विक ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके लवण एवं जल बनाता है l धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय होती है l
  • क्षार अधात्विक ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके लवण एवं जल बनाता है । अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति अम्लीय होती है l
  • अम्ल एवं क्षार में समानता-
    • अम्ल एवं क्षार को जल में मिलाने पर दोनों ही तनुकृत हो जाते हैं l
    • दोनों को जल में मिलाने पर आयन की सांद्रता में प्रति इकाई आयतन की कमी हो जाती है l
  • pH स्केल- किसी विलयन में H+ आयन की सांद्रता का पता लगाने के लिए स्केल विकसित किया गया, उसे pH स्केल कहते हैं l
    • इस स्केल मे 0 से 14 तक मान लिखे हुए होते हैं l
    • यदि किसी विलयन का pH 0 से 7 के बीच होता है तो उसे अम्लीय विलयन कहते हैं l
    • यदि किसी विलयन का pH 7 होता है तो उसे उदासीन विलयन कहते हैं l
    • यदि किसी विलयन का pH 7 से 14 के बीच होता है तो उसे क्षारीय विलयन कहते हैं l

Class 10th Science Chapter 2 अम्ल क्षार एवं लवण 1 NCERT Solutions for Class 10th Science Chapter 2
  • दैनिक जीवन में उपयोगी रासायनिक पदार्थ-
    • सोडियम हाइड्रोक्साइड- सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर हमें सोडियम हाइड्रोक्साइड प्राप्त होता है l इसे क्लोर क्षार प्रक्रिया कहते हैं l
      • इसका रासायनिक सूत्र NaOH है l
      • इसका उपयोग धातुओं से ग्रीज हटाने, साबुन और कागज बनाने के लिए किया जाता है l
  • विरंजक चूर्ण- शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन की क्रिया कराने पर हमें विरंजक चूर्ण प्राप्त होता है l
    • इसका रासायनिक सूत्र  $\mathrm{CaOCl}_2$ है l
    • इसका उपयोग पीने के जल को जीवाणु से मुक्त करने के लिए किया जाता है l
  • बेकिंग सोडा– इसे खाने का सोडा भी कहा जाता है l
    • इसका रासायनिक सूत्र  $\mathrm{NaHCO}_3$  है l
    • इसका उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक मे किया जाता है l
  • धोने का सोडा– सोडियम कार्बोनेट की क्रिस्टलीकरण से हमें धोने का सोडा प्राप्त होता है l
    • इसका रासायनिक सूत्र  $\mathrm{Na}_2{CO}_3.10{H}_2{O}$  है I
    • इसका उपयोग जल की स्थाई कठोरता को दूर करने में किया जाता है l
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस– जिप्सम को 373K पर गर्म करने पर हमें प्लास्टर ऑफ पेरिस प्राप्त होता है l
    • इसका रासायनिक सूत्र $\mathrm{CaSO}_4.\frac{1}{2}{H}_2{O}$  है l
    • इसका उपयोग खिलौने बनाने और सतह को चिकना बनाने में किया जाता है l

Class 10th Science Chapter 2 अम्ल, क्षार एवं लवण प्रश्न उत्तर-

प्रश्न 1. आपको तीन परखनलियाँ दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे? 

उत्तर: सबसे पहले हम तीनों परखनलियो मे से एक बूंद लाल लिटमस पेपर पर डालते हैं। जिस विलयन मे लिटमस का रंग लाल से नीला हो जाता है, वह एक क्षार है । अब इस क्षार की एक बूंद अन्य दोनो विलयनों के साथ मिश्रित करते हैं और पुनः परीक्षण करते है । अब यदि रंग नहीं बदलता है तो यह आसवित जल वाला विलयन होगा और अगर रंग में कोई परिवर्तन होता है तो यह अम्लीय विलयन होगा । इस प्रकार हम तीनो विलयनों के बीच भेद कर सकते हैं।

प्रश्न 2. पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर: पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ इसलिए नहीं रखने चाहिए क्योंकि इनमें अम्ल पाया जाता है। यह अम्ल इन धातुओं से क्रिया करके हानिकारक उत्पाद (लवण) बनाता है, जिससे भोजन खराब और विषैला हो जाता है।

प्रश्न 3. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए | इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?

उत्तर: धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है।

गैस की उपस्थिति की जाँच– एक परखनली में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल लेकर उसमें जिंक के कुछ टुकड़े डालते हैं l परिणामस्वरूप उसमें से गैस उत्सर्जित होने लगती है। इस गैस को साबुन के विलयन से प्रवाहित किया जाता है l जिससे विलयन में बुलबुले बनने लगते हैं। इन बुलबुलों के पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर यह फट फट की ध्वनि के साथ जलने लगती है। जिससे हाइड्रोजन गैस का पता लग पाता है l

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प्रश्न 4. HCI, $\mathrm{HNO}_3$ आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते है?

उत्तर: HCI, $\mathrm{HNO}_3$ जलीय विलयन में विघटित होकर हाइड्रोजन आयन ($\mathrm{H}^+$ ) उत्पन्न करते हैं। जो जल के अणुओं के साथ मिलकर हाइड्रोनियम आयन ($\mathrm{H}_3{O}^+$) बनाते है। जिसके कारण विलयन अम्लीय गुण प्रदर्शित करता है ।

ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिक $\mathrm{H}^+$ नहीं बनाते हैं, इसलिए ये अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं।

प्रश्न 5. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है? 

उत्तर: अम्ल जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन  उत्पन्न करता है, जिस कारण अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है।

प्रश्न 6. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?

उत्तर:  शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस और शुष्क लिटमस पत्र दोनों में ही जल नहीं होने से $\mathrm{H}^+$ आयन उत्पन्न नहीं हो पाते हैं। इसलिए रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है ।

प्रश्न 7. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न की जल को अम्ल में?

उत्तर: अम्ल को तनुकृत करते समय यह अनुशंसित इसलिए किया जाता है क्योंकि जब अम्ल में जल मिलाते हैं तो इससे ऊष्मा उत्पन्न होती है l जिस कारण यह मिश्रण आस्फालित होकर बाहर आ सकता है या काँच का पात्र भी टूट सकता है तथा किसी को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हमें अम्ल को हमेशा धीरे धीरे तथा जल को लगातार हिलाते हुए मिलाना चाहिए।

प्रश्न 8. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन ($\mathrm{H}_3{O}^+$) की सांद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?

उत्तर: विलयन के प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है इसीलिए अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन की सांद्रता कम होने लगती है l

प्रश्न 9. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते है तो हाइड्रॉक्साइड आयन $\mathrm{OH}^-$ की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर: जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते है तो हाइड्रॉक्साइड आयन ($\mathrm{OH}^-$) की सांद्रता और अधिक हो जाती है। 

प्रश्न 10. आपके पास दो विलयन ‘A’ एवं ‘B’ हैं। विलयन ‘A’ के pH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’ के pH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षरकीय?

उत्तर: विलयन ‘A’ के pH का मान 7 से कम है इसीलिए यह अम्लीय है l जबकि विलयन ‘B’ के pH का मान 7 से अधिक है इसीलिए यह क्षारीय है। विलयन ‘A’ में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है।

प्रश्न 11. $\mathrm{H}^+$ (aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: $\mathrm{H}^+$ (aq) आयन की सांद्रता बढ़ने पर विलयन की अम्लीयता बढ़ती है और $\mathrm{H}^+$ (aq) आयन की सांद्रता कम होने पर क्षारीयता बढ़ने लगती है।

प्रश्न 12. क्या क्षारकीय विलयन में $\mathrm{H}^+$ (aq) आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते है?

उत्तर: हां, क्षारकीय विलयन में $\mathrm{H}^+$(aq) आयन भी होते हैं l यह क्षारकीय इसलिए है क्योंकि इसमें $\mathrm{H}^+$की तुलना में $\mathrm{OH}^-$ (aq) आयन की सांद्रता अधिक होती है।

प्रश्न 13. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा? 

उत्तर: यदि खेत की मृदा अम्लीय है तो किसान क्षारक के रूप में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा l

प्रश्न 14. $\mathrm{CaOCl}_2$ यौगिक का प्रचलित नाम क्या है?

उत्तर: $\mathrm{CaOCl}_2$ यौगिक का प्रचलित नाम विरंजक चूर्ण है।

प्रश्न 15. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।

उत्तर: शुष्क बुझा हुआ चूना [$\mathrm{Ca(OH)}_2$] क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।

प्रश्न 16. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है? 

उत्तर: कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट ($\mathrm{Na}_2{CO}_3.10{H}_2{O}$) का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 17. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर: सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर यह सोडियम कार्बोनेट, जल तथा कार्बन डाइआक्साइड बनाता है।

$\mathrm{2NaHCO}_3\rightarrow\mathrm{Na}_2{CO}_3+\mathrm{H}_2{O}+\mathrm{CO}_2$

प्रश्न 18. प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर: $\mathrm{CaSO}_4.\frac{1}{2}{H}_2{O}+1\frac{1}{2}{H}_2{O}\rightarrow\mathrm{CaSO}_4.\mathrm2{H}_2{O}$

अभ्यास

प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवतः क्या होगा?

(a) 1 

(b) 4

(c) 5

(d) 10

उत्तर: (d) 10

प्रश्न 2. कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा?

(a) NaCl

(b) HCI

(c) LiCl

(d) KCI

उत्तर:  (b) HCI

प्रश्न 3. NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलियन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCI के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी? 

(a) 4 mL

(b) 8 mL

(c) 12 mL

(d) 16 mL

उत्तर: (d) 16 mL

प्रश्न 4. अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?

(a) एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) 

(b) ऐनालजेसिक (पीड़ाहरी)

(c) ऐन्टैसिड

(d) एंटीसेप्टिक (प्रतिरोधी)

उत्तर: (c) ऐन्टैसिड

प्रश्न 5. निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द- समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए: 

(a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।

(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।

(c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है। 

(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।

उत्तर: (a) सल्फ्यूरिक अम्ल + जिंक → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन

                  $\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4(a q)+\mathrm{Zn}(s) \rightarrow \mathrm{ZnSO}_4(a q)+\mathrm{H}_2(g)$

(b) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + मैग्नीशियम → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन

     $2 \mathrm{HCl}(a q)+\mathrm{Mg}(s) \rightarrow \mathrm{MgCl}_2(a q)+\mathrm{H}_2(g)$

(c) सल्फ़्यूरिक अम्ल + ऐलुमिनियम → ऐलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन

   $3 \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4(a q)+2 \mathrm{Al}(\mathrm{s})\rightarrow\mathrm{Al}_2\left(\mathrm{SO}_4\right)_3(a q)+3 \mathrm{H}_2(g)$

(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + लोहा → फेरिक क्लोराइड + हाइड्रोजन

     $6 \mathrm{HCl}(a q)+2 \mathrm{Fe}(s) \rightarrow 2 \mathrm{FeCl}_3(a q)+3 \mathrm{H}_2(g)$

प्रश्न 6. ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होते हैं लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप द्वारा इसे साबित कीजिए।

उत्तर: सर्वप्रथम एक कार्क पर दो कीलें लगाकर कार्क को 100mL के बीकर में रख देंगे। अब कीलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब तथा स्विच के माध्यम से जोड़ देंगें। बीकर में थोड़ा सा तनु अम्ल विलयन डालकर विध्युत धारा प्रवाहित करेंगे। यह प्रकिया ऐल्कोहॉल और ग्लूकोज़ विलयन के साथ अलग अलग दोहराऐंगे। हम देखते हैं कि बल्ब केवल तनु अम्ल की स्थिति में ही जलता है। जबकि ग्लूकोज़ और ऐल्कोहॉल की स्थिति में विलयन मे हाइड्रोजन आयन उत्पन्न नहीं होते जिस कारण बल्ब नहीं जलता है l इसीलिए इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है l

प्रश्न 7. आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है?

उत्तर: विद्युत के संचालन के लिए आयनों की आवश्यकता होती है । आसवित जल शुद्ध है । इसमे कोई आयन नहीं पाया जाता है। इसलिए यह विद्युत का संचालन नहीं करता है। जबकि वर्षा के जल मे कुछ अशुद्धियाँ पाई जाती है। इसलिए यह विद्युत का संचालन करता है।

प्रश्न 8. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?

उत्तर: सभी अम्ल जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं । जिससे अम्ल का व्यवहार अम्लीय हो जाता है । जल की अनुपस्थिति होने पर हाइड्रोजन आयन उत्पन्न नहीं हो पाते हैं। इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता है।

प्रश्न 9. पाँच विलयनों A, B, C, D, E की जब सार्वत्रिक सूचक से जाँच की जाती है तो pH के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं।

कौन सा विलयन :

(a) उदासीन है? 

(b) प्रबल क्षारीय है? 

(c) प्रबल अम्लीय है?

(d) दुर्बल अम्लीय है?

(e) दुर्बल क्षारीय हैं?

pH के मानों को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

उत्तर: (a) उदासीन है- विलयन D

(b) प्रबल क्षारीय है- विलयन C 

(c) प्रबल अम्लीय है- विलयन B 

(d) दुर्बल अम्लीय है- विलयन A

(e) दुर्बल क्षारीय हैं – विलयन E

pH के मानों का हाइड्रोजन आयन की सांद्रता का आरोही क्रम-  11 < 9 < 7 < 4 < 1 है।

प्रश्न 10. परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) तथा परखनली ‘B’ में ऐसिटिक अम्ल ($\mathrm{CH}_3{COOH}$) डालिए। दोनों अम्लों की मात्रा तथा सांद्रता समान हैं। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों?

उत्तर: परखनली ‘A’ में अधिक बुदबुदाहट होगी। इसमे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है जो ऐसिटिक अम्ल से अधिक क्रियाशील अम्ल है।

प्रश्न 11. दूध के pH का मन 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए ।

उत्तर: दूध से दही बनने पर यह अधिक अम्लीय हो जाता है । अत: दही के pH का मान 6 से कम हो जाएगा।

प्रश्न 12. एक ग्वाला ताज़े दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है।

(a) ताज़ा दूध के pH के मान को 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?

(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?

उत्तर: (a) ग्वाला ताजे दूध में थोडा बेकिंग सोडा इसलिए मिलाता है ताकि दूध ज्यादा समय तक सुरक्षित रहे। 

(b) इस दूध को दही (अम्लीय) बनने में अधिक समय लगता है क्योंकि यह दूध, ताजे दूध से अधिक क्षारीय है ।

प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए। इसकी व्याख्या कीजिए।

उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में इसलिए रखा जाना चाहिए क्योकि प्लास्टर ऑफ़ पेरिस जल से अभिक्रिया करके कठोर पदार्थ बनाता है । जिसे जिप्सम कहते है।

प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर: अम्ल और क्षार की परस्परअभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। इस अभिक्रिया के परिणामस्वरूप लवण तथा जल बनता है ।

उदाहरण: (i) $\mathrm{NaOH}+\mathrm{HCl}\rightarrow \mathrm{NaCl}+\mathrm{H}_2{O}$

(ii) $\mathrm{Mg(OH)}_2+\mathrm{2HCl}\rightarrow \mathrm{MgCl}_2+\mathrm2{H}_2{O}$

प्रश्न 15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।

उत्तर: धोने का सोडा के दो प्रमुख उपयोग-

● इसका उपयोग काँच, साबुन तथा कागज उद्योगों में होता है। 

● इसका उपयोग घरों में साफ-सफाई के लिए होता है।

बेकिंग सोडा के दो प्रमुख उपयोग-

● इसका उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक में भी किया जाता है।

● इसका उप्योग खाने की चीजों को मुलायम तथा स्पंजी बनाने के लिए किया जाता है।

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